A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेकटनीमध्यप्रदेश

त्योहार में रीठी में पेयजल के लिए मचा हा-हाकार

नल-जल योजना ठप्प , ग्राम पंचायत उदासीन, टेंकरों के भरोसे रहवासी 

कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.IMG 20250421 WA0004

एक ओर जहां केन्द्र व प्रदेश सरकार घर-घर नल योजना का ढिंढोरा पीटकर हर घर में पानी पहुंचाने का दावा कर रही है तो वहीं दूसरी ओर इधर, रीठी जनपद पंचायत मुख्यालय में त्योहार के दौरान पेयजल के लिए हा-हाकार मचा हुआ है। रहवासी टेंकरो से खरीद कर पानी पीने मजबूर हैं। रहवासियों को इस त्योहारी दिनों में पानी नहीं मिल रहा है और शासन के तमाम दावों की पोल खुल रही है। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मनमानी का खामियाजा रहवासियों को भुगतना पड़ रहा है।

*बीते 15 दिनों से बनी समस्या*

देखा गया कि ग्राम पंचायत रीठी के वाशिंदे दूर-दूर से साइकिलों में डिब्बे लटकाकर पानी ला रहा है तो कोई टेंकरो से खरीदने मजबूर हैं। उदासीन ग्राम पंचायत की नज-जल योजना बीते 15 दिनों से ठप्प है। बताया गया कि बीते दिनों 15 दिनों से घनिया रोड की नल-जल योजना बंद हो जाने से क्षेत्र की स्थिति गड़बड़ा गई है। यहां मशीन जल गई है, जिसे ग्राम पंचायत द्वारा बनवाया नहीं जा रहा है। लोग रतजगा कर हैंडपंपों से पानी लाने मजबूर हैं।

*जनता हैरान, अधिकारी अनजान*

लिहाजा स्थिति यह है कि भारी बारिश होने के बाद भी रीठीवासी पेयजल के लिए यहां-वहां भटकने मजबूर हो गए हैं। सबसे अधिक किल्लत करियापाथर, न्यू कालोनी, मस्जिद के समीप, शिवनगर, अस्पताल कालोनी, पोस्ट आफिस तिराहा में बनी हुई है। यहां के रहवासी पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने मजबूर हैं। ग्राम पंचायत की नाकाम व्यवस्थाओं का दंश झेल रहे रहवासियों ने बताया कि उन्हें इस त्योहार में पीने के लिए पानी तक नहीं मिल रहा है। किसी तरह टेंकरो से पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। ग्राम पंचायत की नल जल योजना ठप्प पड़ी हुई है। जब जनपद मुख्यालय की यह स्थिति है तो अन्य ग्राम पंचायतों का क्या हाल होगा इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस ओर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके चलते रहवासियों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

*जल जीवन मिशन का अता-पता नहीं*

केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का पठार क्षेत्र रीठी में कहीं अता-पता तक नहीं है। ठेकेदार द्वारा कहां लाइन बिछाई जा रही है और कहां तक पानी की सप्लाई हो रही है। इसका क्षेत्र में किसी को कोई अता-पता नहीं है। यह योजना भी कागजों में दौड़ रही है। लोगों का कहना है कि तेंदूघाट परियोजना से रीठी मुख्यालय को पानी मिल जाता तो कुछ हद तक समस्या हल हो जाती। लेकिन चल रहे कार्य को देखकर ऐसा लग रहा है कि यह पानी भी रीठी वासियों को नसीब नहीं होगा।

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!